सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा-Prasoon Joshi (प्रसून जोशी)
इस रचना का सबसे प्रमुख भाव देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण है। देश की सीमाओं, संस्कृति, परंपराओं और एकता की रक्षा…
इस रचना का सबसे प्रमुख भाव देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण है। देश की सीमाओं, संस्कृति, परंपराओं और एकता की रक्षा…
हिंदी साहित्य में गोपालदास ‘नीरज’ का नाम उन रचनाकारों में लिया जाता है, जिन्होंने प्रेम, विरह, जीवन, संघर्ष और मानवीय स…
“पंथ होने दो अपरिचित, प्राण रहने दो अकेला” हिंदी साहित्य की प्रसिद्ध कवयित्री महादेवी वर्मा की एक अत्यंत भावपूर्ण और …
जो बीत गई सो बात गई – कविता परिचय जानकारी विवरण कविता जो बीत गई लोकप्रिय नाम जो बीत गई सो बात गई कवि हरिवंशराय बच्चन भा…
जो बीत गई सो बात गई है जीवन में एक सितारा था माना वह बेहद प्यारा था वह डूब गया तो डूब गया अम्बर के आनन को देखो कितने …
कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है ! मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है !! मैं तुझसे दूर कैसा हूँ , तू मुझसे द…
कई दिनों तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास कई दिनों तक कानी कुतिया सोई उनके पास कई दिनों तक लगी भीत पर छिपकलियों की गश्त…
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